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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर की भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश, कहा-…

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है. संयुक्त राष्ट्र महासभा पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) पर मध्यस्थता की पेशकश की. डोनाल्ड ट्रंप ने आज चौथी बार दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की, जिसपर भारत ने हमेशा कड़ा विरोध जताया है. ट्रंप ने कहा, ''मैं सोचता हूं कि जहां तक पाकिस्तान की चिंता की बात है तो भारत बात कर रहा है. मैं निश्चित रूप से मदद करना चाहता हूं. मैं सोचता हूं कि वे चाहेंगे तो मदद करूंगा, लेकिन अगर वे दोनों ऐसा चाहें तो. उनके बिल्कुल अलग विचार हैं और मैं उसको लेकर चिंतित हूं.' संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में शामिल होने ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया के साथ यहां पहुंचे थे. बता दें कि एक दिन पहले भी ट्रंप ने मध्यस्थता की पेशकश की थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को कहा था कि वह कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और भारत के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं, लेकिन दोनों पक्षों को इस पर सहमत होना होगा. ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के साथ बैठक के दौरान ये टिप्पणियां की थी. उन्होंने कश्मीर मुद्दे को लंबे समय से चल रहा ‘जटिल' मामला बताते हुए कहा था, 'अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मैं जरूर मदद करूंगा.' उन्होंने ह्यूस्टन में ‘हाउडी, मोदी' रैली में भाग लेने के एक दिन बाद कहा, 'अगर दोनों (पाकिस्तान और भारत) चाहते हैं तो मैं यह करने के लिए तैयार हूं.'

ह्यूस्टन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ मंच साझा किया था और आतंकवाद पर लड़ाई पर करीबी मित्रता तथा साझा दूरदृष्टि दर्शायी थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘किसी भी समय मैं एक बहुत अच्छा मध्यस्थ साबित होउंगा.' ट्रंप ने इमरान खान की मौजूदगी में ‘हाउडी, मोदी' महारैली की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का ‘काफी आक्रामक बयान' सुना. उन्होंने ह्यूस्टन में एनआरजी स्टेडियम में 50,000 लोगों के जनसमूह का जिक्र करते हुए कहा, ‘इसे वहां काफी अच्छा समर्थन मिला.' ट्रंप द्वारा एक मध्यस्थता की बात पर भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि हमें पीएम मोदी और यूएस प्रेसिडेंट की मुलाकात का भी इंतजार करना चाहिए. 
 

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