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आज आयुष्मान योजना को हुआ एक साल, 1.35 लाख को आयुष्मान का ‘वरदान’

आप गोल्डन कार्ड धारक हैं तो बीमार होने की स्थिति में इलाज पर आने वाले खर्च के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। अस्पताल जाकर पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त करवा सकते हैं। पिछले साल 23 सितंबर को शुरू की गई आयुष्मान योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है। योजना के तहत बीमारी छोटी हो या बड़ी, इलाज कराने की सुविधा है। जांच और ऑपरेशन भी निशुल्क करवा सकते हैं। जिले में वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना (सेक) जनगणना के अनुसार, अब तक दो लाख लोगों का नाम सूची में दर्ज किया जा चुका है। इनमें 1.10 लाख ग्रामीण और 90,000 शहरी परिवार शामिल हैं। सर्वे के बाद इनमें से 1.49 लाख परिवारों को पात्र माना गया। पात्र परिवारों में से 1.35 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं।  

एक नजर में आयुष्मान योजना
कुल परिवारों का चयन 
शहरी    90,000
ग्रामीण    1.10 लाख 
सर्वे के बाद पात्र    1.49 लाख 
गोल्डेन कार्ड धारक    1.35 लाख
निजी अस्पताल    126
सरकारी अस्पताल             10
सरकारी में हुआ इलाज        5487
निजी अस्पतालों में हुआ इलाज    11035
(नोट: आंकड़े 17 सितंबर तक के)

 

क्या है आयुष्मान योजना
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। लाभ पाने के लिए गोल्डन कार्ड लेकर अस्पताल जाना होगा। योजना के बारे कोई भी जानकारी 14555 नंबर पर कॉल कर ली जा सकती है। 

यह है प्रक्रिया
अस्पताल में जाने के बाद सबसे पहले आयुष्मान मित्र से मिलना होगा। उसके सहयोग से अस्पताल में पर्चा बनेगा और बीमारी के हिसाब से संबंधित चिकित्सक को दिखाया जाएगा। चिकित्सक की सलाह पर मरीज को भर्ती किया जाएगा। इसके बाद गोल्डन कार्ड का सत्यापन और फिर पोर्टल पर पंजीकरण होगा। इसके बाद जैसे-जैसे इलाज चलता रहेगा, खर्च का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज होता रहेगा।

 

सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लिए चयनित लोगों के सर्वे के बाद पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। 1.35 लाख कार्ड बन गए हैं। विशेष अभियान चलाकर दो अक्तूबर तक सभी कार्ड बना लिए जाएंगे। योजना में सरकारी के साथ ही अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके। 

 

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