छत्तीसगढ़

बिजली का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं-कलेक्टर

बिलासपुर । बिजली का इस्तेमाल करते समय हमें अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। सुरक्षा उपायों को अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। यह बात कलेक्टर डॉ.संजय अलंग ने बिजली से सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर की एक कार्यशाला में कही। डॉ. अलंग ने कहा कि कोई भी काम बार-बार करने से वह आदत बन जाती है। बिजली से सुरक्षा का भी बार-बार अभ्यास करना चाहिए जिससे वह आदत बन जाये। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सामान्य-बोध को बनाये रखना हमारा पहला उद्देश्य होना चाहिए। डॉ. अलंग ने कहा कि शत-प्रतिशत सुरक्षा के लिए प्रत्येक छोटी-छोटी चीज पर ध्यान रखना चाहिए। कार्यशाला ‘विद्युत सुरक्षा हेतु सामान्य जागरूकता’ विषय पर भारत सरकार के केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा रखी गई थी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के विशेष सचिव (ऊर्जा), एम.एस. रत्नम ने कहा कि जब से बिजली का अविष्कार हुआ है, यह हमारा मददगार रहा है। इससे हमारा जीवन आसान हुआ है। बिजली कई सहूलियतें देती है लेकिन कई बार हमारे लिए दर्द का कारण भी बन जाती है। हमें साल के 365 दिन सुरक्षा पर ध्यान देना होगा, तब शून्य दुर्घटना का लक्ष्य प्राप्त होगा। बिजली अदृश्य है लेकिन अनुमान लगाकर हम दुर्घटना को टाल सकते हैं। चिकित्सा जगत में बाई पास सर्जरी से लोगों की जान बचती है लेकिन बिजली के क्षेत्र में बाई पास करना मृत्यु को खुला आमंत्रण देना है। सीएसपीटीसीएल की एमडी श्रीमती तृप्ति सिन्हा ने कहा कि बिजली के दैनिक उपयोग में सुरक्षा का पालन बहुत जरूरी है। सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिस पर ध्यान देना होगा। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सेन्ट्रल इलेक्ट्रिक अथॉरिटी के डायरेक्टर एल.के.एस. राठौर ने दिया। पावर ग्रिड कार्पोरेशन के महाप्रबंधक आर. अमूथन, शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के उप-प्राचार्य एस. के. सिंघई, जिंदल पावर लिमिटेड के अधिकारी ने भी अपने विचार रखे। आभार-प्रदर्शन केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के उप-निदेशक सचिन के. भिसे ने किया। इस अवसर पर विभिन्न निजी एवं सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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