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पन्ना खदान से मिले हीरों की सूरत में नीलामी, छोटे उद्यमियों को होगा फायदा

जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के रीजनल चेयरमेन दिनेश भाई नावड़िया ने बताया कि पन्ना माइन्स से हर साल 94 हजार कैरेट हीरों का प्रोडक्शन होता है. तीन महीने में हुए हीरों के उत्पादन में से 24 हजार कैरेट हीरों की नीलामी 28 सितंबर को होगी.
    24 हजार कैरेट हीरों की 28 सितंबर को होगी ऑनलाइन नीलामीऑनलाइन नीलामी से छोटे हीरा उद्यमियों को मिलेगा फायदा

मध्य प्रदेश की पन्ना खदान के 24 हजार कैरेट हीरों की नीलामी 28 सितंबर को ऑनलाइन की जाएगी. हीरा उद्यमी 24 से 27 सितंबर के दौरान इसे देख सकेंगे. सूरत के इच्छापोर इलाके में स्थित जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क के इंटरनेशनल डायट्रेड सेंटर में आयोजित हीरों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा.

जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के रीजनल चेयरमेन दिनेश भाई नावड़िया ने बताया कि पन्ना माइन्स से हर साल 94 हजार कैरेट हीरों का प्रोडक्शन होता है. तीन महीने में हुए हीरों के उत्पादन में से 24 हजार कैरेट हीरों की नीलामी 28 सितंबर को होगी.

गौरतलब है कि नीलामी का लाभ लेने के लिए आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) का सदस्य होना जरूरी है. सूरत में रफ हीरों की ऑनलाइन नीलामी होने से छोटे हीरा उद्यमियों को लाभ मिलेगा. साथ ही हीरा बाजार में जो इन दिनों मंदी का माहौल चल रहा है, उसमें भी बदलाव आ सकता है.

बता दें कि हीरों के खदान के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हाल ही में एक व्यक्ति को खदान की खुदाई के दौरान 29 कैरेट 46 सेंट के वजन का अच्छी क्वालिटी का एक बेशकीमती हीरा मिला है. नीलामी में यह डेढ़ से दो करोड़ रुपये में बिक सकता है. पन्ना की धरती बेशकीमती हीरे उगलने में देश और दुनिया में मशहूर है. इस धरती पर कब किस मजदूर की किस्मत चमक जाए और वह रातोंरात करोड़पति बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.

 

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