मध्य प्रदेश

पंजीयन को लेकर प्रशासन व दुर्गा समितियों में ठनी 

भोपाल । नव रात्रि शुरु होने में अब महज एक हफ्ता शेष है, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी को लेकर प्रशासन व धार्मिक संगठनों में ठन गई है। अफसर समितियों पर ऐसी शर्ते पूरी करने का दबाव बना रहे हैं, जो पूरी तरह से अव्यवहारिक होने के चलते फिलहाल उन पर अमल करना संभव नहीं है। कारण, प्रशासन की एडवाइजरी को न तो हिन्दू संगठन मान रहे हैं और न ही दुर्गा उत्सव समितियां। यही वजह है कि धार्मिक आयोजनों के पहले होने वाली जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक भी इस बार प्रशासन आयोजित करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मूर्तियों के स्थापना को लेकर प्रशासन और आयोजन समितियों के बीच बड़ी मुश्किलें आ सकती हैं। 
प्रशासन के अधिकार पर सवाल  
महापौर आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हिन्दू धर्म के देवी देवताओं की मूर्ति का रंग रूप आकार पूजा की पद्धति तय करने का अधिकार जिला प्रशासन को किसने दिया। मूर्ति की लंबाई तय करने का काम जिला प्रशासन का नही है। इनका काम समाज मे धार्मिक आयोजनों को सुरक्षा और कानून व्यवस्था कायम रखने का है।
प्रशासन नहीं बना सका समन्वय
समाज सेवी प्रमोद नेमा ने कहाकि श्रीगणेश और दुर्गा महोत्सव हिन्दुओं के आस्था के केंद्र हैं। इन पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध हमे बर्दाश्त नही है। प्रशासन को कोई निर्णय लेना भी है तो पहले सभी से समन्वय बनाना चाहिए। दुर्गा उत्सव को अब कुछ ही दिन बचे हैं, इसके बाद भी न तो जिला स्तर पर बैठकें हो रही हैं और न ही एसडीएम स्तर पर। 
न हम अनुमति लेंगे और न पंजीयन कराएंगे
मां वैष्णव देवी दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष राहुल सिंह राठौर ने कहा कि प्रशासन को कोई आदेश लागू करना है तो उसके पहले बैठक करनी चाहिए। लोगों को विश्वास में लेना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मूर्ति लेने से लेकर चल समारोह के लिए अनुमति और पंजीयन कराने का फरमान गलत है। इसके साथ ही शपथ पत्र मांगा जा रहा है, ऐसे में आयोजक पर सीधे कार्रवाई होगी। 
धरना-प्रदर्शन के लिए ली जाती थी अनुमतियां
पार्षद रविन्द्र यती ने कहा कि अभी तक धरना-प्रदर्शन और रैली-जुलूस के लिए ही अनुमति लेने का प्रावधान था, लेकिन अब मूर्तियों की स्थापना से लेकर विसर्जन तक के लिए अनुमति लेने का फरमान जारी कर दिया गया है। यह प्रशासन का गलत निर्णय है। हम इसका विरोध करते हैं। 
प्रशासन ने यह जारी की एडवाइजरी
मूर्ति विसर्जन के लिए जारी की गई एडवाइजरी में साफ किया गया है कि तीन फीट से बड़ी मूर्तियों, झांकियों व ताजियों के स्थापना के लिए आयोजन समितियों को अनुमति-पंजीयन एक सप्ताह पहले प्रशासन, नगर निगम और पुलिस से कराना अनिवार्य होगा। इसका पालन नहीं करने वाली समितियों का चल समारोह व विसर्जन में भाग लेना प्रतिबंधित रहेगा। गौरतलब है कि श्री गणेश विसर्जन समारोह के दौरान हुए हादसे के बाद प्रशासन ने झांकियों को बैठाने से लेकर विसर्जन तक के नियमों का सख्त किया है।

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