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ड्रीमगर्ल को लेकर चर्चाओं में हैं आयुष्मान

आयुष्मान खुराना इन दिनों जिंदगी और करियर के खूबसूरत दौर से गुजर रहे हैं। आयुष्मान गाने, ऐक्टिंग, डांस हर चीज में माहिर हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार और पत्नी ताहिरा का कैंसर की बीमारी से फाइटर के रूप में बाहर आना जैसे सुखद पहलुओं ने उनकी जिंदगी की रौनक बढ़ा दी है। अब वह नई फिल्म ड्रीमगर्ल को लेकर चर्चा में हैं।
 आयुष्मान ने ड्रीमगर्ल में साड़ी पहनी है और लड़की की आवाज निकाली है। आयुष्मान ने कहा कि इससे पहले भी कई पुरुष सितारों ने फिल्मों में औरतों की भूमिका निभाई है। 
'बाजी' में आमिर खान साहब से खूबसूरत कोई लड़की लगी ही नहीं है। बाजी में जब वह लड़की बनकर 'डोले डोले दिल डोले' गाते हैं, तो आप पलक नहीं झपका पाते। पहली बार जब टीवी पर उसका ट्रेलर आया थ, तो सभी हैरान रह गए थे उनकी अदाओं पर। मगर सही मायनों में महिला के रूप में मुझे सबसे ज्यादा जिस अभिनेता ने प्रभावित किया है, वो हैं कमल हासन साहब। उन्होंने इतनी हसीन औरत की भूमिका निभाई थी कि फिल्म में दो पुरियों अमरीश पुरी और ओम पुरी को उनसे इश्क हो गया था। 
आयुष्मान ने कहा कि सभी कलाकार बच्चों की तरह होते हैं। हमें जब अवॉर्ड मिलता है, तो बहुत खुशी होती है। इससे काम के प्रति आपका उत्साह बढ़ जाता है। अपनी  ड्रीमगर्ल को लेकर इस अभिनेता ने कहा कि 
अगर मैं पत्नी ताहिरा के अलावा किसी और का नाम लूंगा तो वह मुझे बहुत मारेगी। मैं यही कहूंगा कि मेरी ड्रीमगर्ल ताहिरा ही है। वैसे असली ड्रीमगर्ल तो हेमा मालिनी हैं। ये उपाधि उनसे कोई ले नहीं सकता। उनको फिल्मफेयर अवॉर्ड लेते देखा था और उनकी खूबसूरती पर मंत्रमुग्ध हो गया था। वह इतनी ग्रेसफुल हैं कि आप उन्हें देखते रह जाते हैं। मैं उनका प्रशंसक रहा हूं।
इस अभिनेता ने कहा कि कई बार हम अपने जीवनसाथी का चयन आकर्षण के बलबूते पर करते हैं। शादी में दोस्ती का होना जरूरी है। आप अगर अच्छे दोस्त नहीं हैं तो शादी में बहुत आगे तक बढ़ना मुश्किल हो जाता है। मेरे और ताहिरा के बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि हम एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं। हम पहले दोस्त थे और फिर उसके बाद रिलेशनशिप में आए।
जिस वक्त वह एक फाइटर के तौर पर उभर कर आईं, तब आपके लिए सबसे मुश्किल क्या था?
वह गाना है न कि गम और खुशी में कोई फर्क महसूस न कर सका, मेरे साथ वही फीलिंग थी, 2018 में। उस वक्त मेरे साथ दोनों चीजें चल रही थीं। मैं अपने करियर के पीक पर था और ताहिरा के साथ ये हो रहा था। वह दर्द से गुजर रही थी। मुझे लगता है कि आपको ये मान लेना चाहिए कि कुछ खालीपन हर किसी की जिंदगी में होता है। उस खालीपन को आगे ले जाते हुए, उससे कैसे लड़ना है, वही जीवन जीने की कला होनी चाहिए। आपको उस हालात को स्वीकार करते हुए उसके साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं खुश हूं कि वह दौर अब समाप्त हो चुका है। अब हम खुश हैं।
ड्रीमगर्ल को लेकर जो राज (निर्देशक राज शांडिल्य) बोल चुके हैं, वही कहूंगा। उनके पास फिल्म का आइडिया 2010 से था। जहां तक 'बाला' के विवाद की बात है, तो वह केस भी चल रहा है। 

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