मध्य प्रदेश

सरकारी समितियो के ऋणी शेष साढ़े चार लाख किसानों की कर्ज माफी जल्द

सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा है कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना के द्वितीय चरण में सहकारी समितियों के कर्ज माफी से शेष बचे साढ़े चार लाख किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।  इन किसानों पर 430 करोड़ की ऋण राशि शेष है। डॉ. गोविंद सिंह मंत्रालय में सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

बताया गया कि प्रदेश में कुल 4562 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएँ हैं। जिन सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल का कार्यकाल पूर्ण हो गया है उनके  निर्वाचन की कार्यवाही भी शीघ्र शुरू की जाएगी। मंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि पूर्व में उनके कार्यकाल में मुरैना, सतना आदि सहकारी बैंकों की स्थिति बहुत अच्छी थी, परंतु अब खराब हो गई है। सहकारी संस्थाओं को पुनः सशक्त बनाया जाएगा। 

मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि विभागीय परीक्षा के माध्यम से सहकारिता विभाग के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की कार्यवाही भी शीघ्र की जाएगी। पूर्व में जिन सहकारी समितियों में नियम विरुद्ध की गई नियमितीकरण की कार्रवाई की जाँच कराई जाएगी।  विभाग द्वारा सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य कर सभी को इंटरकनेक्ट किया जाएगा।

मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि अन्य सहकारी संस्थाओं की तरह आवास संघ को भी सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने किसानों को रबी में यूरिया, अन्य खाद और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

मार्कफेड की एमडी श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने बताया कि मार्कफेड का  वर्ष 2017-18 का टर्नओवर 17000 करोड रुपए रहा, जो गत वर्ष की तुलना में अधिक है। विभाग द्वारा किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा उनकी फसलों का उचित मूल्य उन्हें दिलाने के उद्देश्य से 'किसान समृद्धि योजना' प्रारंभ की गई है। योजना के लिये 'किसान समृद्धि ऐप, बनाया गया है। इस ऐप से किसान अपनी पसंद का खाद-बीज मनचाही समिति से प्राप्त कर सकेंगे। "एग्री व्यापार" के माध्यम से किसानों की उपज की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी, आयुक्त सहकारिता श्री एम.के. अग्रवाल, एमडी अपेक्स बैंक श्री प्रदीप नीखरा सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
 

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