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दतिया – कलेक्टर बी.एस. जामोद ने जन सुनवाई की गंभीरता से सुनीं समस्यायें

दतिया – कलेक्टर बी.एस.जामोद ने अपनी पदस्थी के उपरांत तीसरी जन सुनवाई करते हुए आवेदकों की समस्यों सुनीं। उन्होंने नई व्यवस्था के तहत् आवेदकों को कलेक्ट्रेट परिसर में कुर्सिया डलवाई, टोकन बटवायें बारी-बारी से अपने सामने बैठाकर गंभीरता पूर्वक समस्यायें सुनीं और उनके निराकरण के निर्देश दिए। जन सुनवाई में सीईओ जिला पंचायत भगवान सिंह जाटव, अपर कलेक्टर टी.एन.सिंह, संयुक्त कलेक्टर विवेक रघुवंशी, एडीशनल सीईओ सुबोध दीक्षित आदि उपस्थित रहे।
दतिया नगर रिछरा फाटक मुन्नी सेठ की तलैया निवासी करीब एक दर्जन महिलाओं ने आवेदन दिया कि उनके यहाँ पानी की लाईन न होने के कारण पेयजल की समस्या है। कलेक्टर द्वारा नगर पालिका यंत्री श्री दीक्षित को तलब कर पूरी बात जानी उन्होंने निर्देश दिए कि 10 दिन में पानी की समस्या दूर हो। बसई क्षेत्र की महिलाओं ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर बताया कि उन्हें विशेष पोषण आहार की राशि एक हजार रूपये नहीं मिल रही है वह सहारिया जनजाति की महिलायें है। कलेक्टर द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि विशेष पोषण आहार से संबंधित आवेदनों का निराकरण करें। कुछ हितग्राहियों द्वारा बैंकों से ऋण प्रकरण स्वीकृत न करने की शिकायत की कलेक्टर द्वारा एलडीएम को निर्देशित किया कि बैंकों से समय पर ऋ़ण न केवल स्वीकृत करायें बल्कि वितरित भी करायें खासकर पंजाब नेशनल बैंक पर विशेष जोर दें क्योंकि सर्वाधिक शिकायत पंजाब नेशनल बैंक की है।
सुखदेवपुरा के निवासियों ने आम रास्ते की समस्या बताई। जिसके संबंध में कलेक्टर द्वारा निराकरण का आश्वासन दिया। ग्राम रूरकुलैथ के राजेन्द्र सिंह जाट ने सरकारी ट्यूबबैल में निजी मोटर डालने तथा ग्रामीणजन को पानी न मिलने की शिकायत की जिसके सबंध में कलेक्टर द्वारा एसडीएम सेवढ़ा को निर्देशित किया कि हैण्डपंप से मोटर हटवाई जाये। इसी प्रकार की शिकायत अन्य ग्रामीणजन द्वारा भी की गई। कलेक्टर द्वारा पीएचई विभाग के अधिकारी को बुलाकर सख्त एतराज दर्ज करते हुए सरकारी हैण्डपंपों से निजी मोटरे हटाने के निर्देश दिए।
जन सुनवाई में राजस्व एवं नगर पालिका से संबंधित अधिकाश आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग में सीमांकन न होने बटवारा अवैध कब्जा आदि से संबंधित आवेदन अधिक प्राप्त हुई। इसी प्रकार नगर पालिका दतिया में प्रधानमंत्री आवास की दूसरी किश्त, आवास के लिए भूमि आवंटित करने आदि से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर द्वारा राजस्व एवं नगरीय प्रशासन के अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री आवास व शौचालय बनाने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए जिनके निराकरण हेतु समुचित निर्देश दिए गए।